सापेक्ष वेग क्या है? (Relative Velocity in Hindi )

  इस Article में हम सापेक्ष वेग Relative Velocity in Hindi के बारे में पढ़ेंगे।  सापेक्ष वेग क्या है ?, (What is Relative Velocity in Hindi )सापेक्ष वेग के उदाहरण आदि। 

सापेक्ष वेग क्या है? (Relative Velocity in Hindi )


सापेक्ष वेग क्या है?

यदि दो वस्तुएं समान रूप से गति कर रही है एक वस्तु द्वारा प्रेक्षित दूसरे वस्तु का वेग सापेक्ष वेग कहलाता है।

माना दो वस्तुएं A तथा B हैं तो वस्तु A का वस्तु B के सापेक्ष वेग वह वेग है जिस वेग से वस्तु B से देखने पर वस्तु A गति करती हुई प्रतीत होती है।


अब हम कुछ स्थितीयो पर विचार करेंगे।

माना कोई दो साइकिल सवार A तथा B दो वेग Va तथा Vb से चल रहे हैं। अब यदि वे दोनो सवार समान दिशा में गति करे तो A साइकिल सवार का B साइकिल सवार के सापेक्ष वेग निम्न होगे।


Vba = Vb — Va


Vab = Va — Vb


यदि ये दोनो साईकिल सवार जब एक दूसरे की विपरीत दिशा में गतिमान हो तो,इस स्थिती में पहले सवार के सापेक्ष दूसरे सवार की गति निम्न होगी।


Vba =Vb-(-Va)

Vba =Vb-(-Va)

Vab = Vb+Va

Vab = Va – (-Vb)

Vab = Va+Vb


उदाहरण

हम सापेक्ष वेग को उदाहरण के माध्यम से आसानी से समझ सकते हैं। यदि कोई दो व्यक्ति A तथा B  समान वेग से एक ही दिशा में गति कर रहे हो तो यदि व्यक्ति A से पूछे   व्यक्ति B  गतिमान स्थिती में या विराम अवस्था में तो B का जवाब होगा विराम अवस्था में जबकि व्यक्ति B तो  गतिमान है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि A को B के वेग में परिवर्तन 0 दिखाई देता है। इसी कारण से A को B विराम अवस्था में नजर आता है।


यदि A वस्तु 3मीटर/सेकंड वेग से गतिमान है तो तथा यदि वस्तु B भी उसी दिशा में 2मीटर/सेकंड से गतिमान हो तो 1 सेकंड में दोनो की स्थिती में परिवर्तन 1मीटर/सेकंड होता है।

अतः वस्तु B के सापेक्ष A का सापेक्ष वेग 1मीटर/सेकंड होता है।

अब यदि वस्तु B, A  समान पथ पर विपरीत दिशा में 2मीटर/सेकंड की चाल से चले तो वस्तु  A को B का वेग बहुत अधिक लगेगा इस स्थिती में एक सेकेंड में स्थिती में परिवर्तन 5मीटर होगा।

अतः इस स्थिती में वस्तु B के सापेक्ष A का वेग 5मीटर होगा।

इससे निम्न निष्कर्ष निकलते है।

1.वस्तु A का B के सापेक्ष वेग तथा B का A के सापेक्ष वेग बराबर तथा दिशा में विपरीत होता है।क्योंकि इन दोनो की दिशाएं भी एक दूसरे के विपरीत होती है।

2.इस प्रकार की गति में प्रेक्षक खुद को स्थिर मानकर दूसरी वस्तु की गति का अनुमान लगाता है।उपर दिए उदाहरण में प्रेक्षक वस्तु B को माना जाता हैं।

3.सापेक्ष वेग को Vab से दर्शाया जाता है।

Post a Comment

0 Comments