यंग प्रत्यास्थता गुणांक किसे कहते है, यंग प्रत्यास्थता गुणांक की परिभाषा, सूत्र, मान मात्रक, वीमा

 इस Article में हम यंग प्रत्यास्थता गुणांक के बारे में पूरी तरह पढ़ेंगे।  इसमें  यंग प्रत्यास्थता गुणांक किसे कहते है ?, यंग प्रत्यास्थता गुणांक क्या है ?, यंग प्रत्यास्थता की परिभाषा, यंग प्रत्यास्थता का सूत्र, मान मात्रक, वीमा आदि के बारे में पढ़ेंगे। 



लेकिन हम यंग प्रत्यास्थता गुणांक को पढ़ने से पहले प्रत्यास्थता गुणांक क्या है ? इसको समझ लेते है।  तभी हमें यंग प्रत्यास्थता किसे कहते है ? अच्छे से समझ में आएगा।  

प्रत्यास्थता गुणांक क्या है ?

इससे पहले हमने हुक के नियम का अध्धयन किया है जिससे हमे पता लगा की प्रत्यास्थता की सीमा के अंदर किसी वस्तु पर लगाया गया प्रतिबल का मान उस वस्तु में उत्पन विकृति  के समानुपाती होता है

अतः                  प्रतिबल = विकृति 

यदि इसमें से समानुपाती के चिन्ह को हटाया जाए तो इसकी जगह  पर एक समानुपाती नियतांक लगाते है जोकि E के रूप में  दर्शाया जाता है तथा इस समानुपाती नियतांक को ही प्रत्यास्थता गुणांक कहते है

अतः                     प्रतिबल = E विकृति 


प्रत्यास्थता गुणांक को तीन भागो में बाटा गया है 

1. यंग  प्रत्यास्थता गुणांक

2.आयतन प्रत्यास्थता गुणांक

3.दृढ़ता प्रत्यास्थता गुणांक


यंग  प्रत्यास्थता गुणांक किसे कहते है ?

प्रत्यास्थता सीमा के अंदर, किसी भी वस्तु के अनुदैर्ध्य प्रतिबल तथा अनुदैर्ध्य विकृति के अनुपात को ही उस वस्तु के पदार्थ का यंग प्रत्यास्थता गुणांक कहते है। इसको Y से प्रदर्शित करते है।

माना यदि किसी वस्तु की लंबाई L  है तथा अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल A है तो वस्तु का अनुप्रस्थ प्रतिबल का मान F/A होगा या फिर अनुप्रस्थ प्रतिबल = F/A

यदि इस वस्तु पर F बल लगाया जाए जिससे इस वस्तु की लंबाई में l परिवर्तन उत्पन हो तो अनुदैर्ध्य विकृति निम्न होगी

अनुदैर्ध्य विकृति = l/L


यंग प्रत्यास्थता गुणांक की परिभाषा 

यंग प्रत्यास्थता गुणांक के अनुसार अनुदैर्ध्य प्रतिबल तथा अनुदैर्ध्य विकृति के अनुपात को ही यंग प्रत्यास्थता गुणांक कहते है।

यंग प्रत्यास्थता गुणांक का सूत्र 

यंग प्रत्यास्थता गुणांक = प्रतिबल/विकृति

अतः Y = (F/A)/l/L

यंग प्रत्यास्थता गुणांक का मात्रक 

 यंग प्रत्यास्थता गुणांक का मात्रक न्यूटन/मीटर2 होता है।

यंग प्रत्यास्थता गुणांक की वीमा 

इसकी विमीय सूत्र [ML-1T-2] है।


आयतन प्रत्यास्थता गुणांक

प्रत्यास्थता सीमा के अंदर,किसी भी वस्तु के अभिलंब प्रतिबल तथा आयतन विकृति के अनुपात को ही उस वस्तु का पर्दाथ पर आयतन प्रत्यास्थता गुणांक कहते है। इसको B या K से प्रदर्शित करते है।

माना यदि किसी वस्तु के आयतन को V दर्शाया जाता है तथा अनुप्रस्थ क्षेत्रफल A है तो इस वस्तु पर  F अभिलंब  बल आरोपित होता है।इससे वस्तु के आयतन में delV परिवर्तन आता है।

अत     अभिलंब प्रतिबल = F/A

                 आयतन विकृति =delV/V

 आयतन प्रत्यास्थता गुणांक के अनुसार अभिलंब प्रतिबल तथा आयतन विकृति के अनुपात को ही आयतन प्रत्यास्थता गुणांक कहते है।

B = F/A/delV/V

B= FV/AdelV

इसका मात्रक और विमा यंग प्रत्यास्थता गुणांक के समान ही होता है 


दृढ़ता प्रत्यास्थता गुणांक

प्रत्यास्थता की सीमा के भीतर किसी वस्तु के स्पर्शीय प्रतिबल तथा अपरूपक विकृति के अनुपात को ही उस वस्तु के पर्दाथ पर दृढ़ता प्रत्यास्थता गुणांक कहते है।

इसे η से प्रदर्शित करते है।

यदि एक वस्तु का क्षेत्रफल A है तथा F बल उस पर आरोपित होता है तो वस्तु में अपरूपक विकृति पैदा हो जाती हैं।

प्रतिबल = F/A

अपरूपक विकृति = ϴ

परिभाषा के अनुसार

η = F/A/ϴ

इसका मात्रक न्यूटन/मीटर2 होता है तथा विमीय सूत्र [ML-1T-2] है।

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