स्थतिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा में अंतर

ऊर्जा हमारे दैनिक जीवन के लिए बहुत महत्वतपूर्ण है।  ऊर्जा के बिना हमारा जीवन संभव नहीं है।  ऊर्जा की आवश्यकता भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही  है। सबसे अधिक ऊर्जा हमें सूर्य से प्राप्त होती है। इस Article में हम स्थतिज ऊर्जा क्या है ?, गतिज ऊर्जा क्या है ?, स्थतिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा में अंतर  आदि का अध्ययन करेंगे।  

स्थतिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा में अंतर


स्थतिज ऊर्जा क्या है ?

"किसी वस्तु या कण की स्थति में परिवर्तन से उत्पन्न ऊर्जा को स्थतिज ऊर्जा कहते है।" 

स्थतिज ऊर्जा के प्रकार 

  1. प्रत्यास्थ ऊर्जा 
  2. विद्युत् ऊर्जा 
  3. रासायनिक ऊर्जा 
  4. परमाणु ऊर्जा
  5. गुरुत्वाकर्षण ऊर्जा 

स्थतिज ऊर्जा के उदाहरण

किसी नदी इत्यादि के स्थित जल को प्रवाहित कर उससे विद्युत् ऊर्जा उत्पन्न करना। 

गतिज ऊर्जा क्या है ?

"किसी वस्तु की गति करते समय उत्पन्न होने वाली ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते है। "

मान लो कोई पिंड विराम अवस्था है।  इसपे गति कराने के लिए बाह्य बल द्वारा इसपे कार्य करना पड़ेगा।  गति करवाने के लिए पिंड पर किया गया यह कार्य इसमें ऊर्जा के रूप में निहित हो जाता है। इसी को गतिज ऊर्जा कहते है। 

गतिज ऊर्जा का मात्रक 

गतिज ऊर्जा का मात्रक जूल है। 

गतिज ऊर्जा के उदाहरण

  1. धनुष से छोड़ा गया तीर 
  2. किसी बल्लेबाज द्वारा बल्ले से गेंद पे लगाया गया जोड़
  3. बहते जल में 

स्थतिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा में अंतर 




स्थतिज ऊर्जा  गतिज ऊर्जा 
किसी वस्तु की स्थति में  उत्पन्न ऊर्जा को
स्थतिज ऊर्जा कहते है। 
किसी वस्तु की गति करते समय उत्पन्न होने वाली
ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते है।
स्थतिज ऊर्जा वस्तु के वातावरण के सापेक्ष
नहीं होती है। 
गतिज ऊर्जा वस्तु के वातावरण के सापेक्ष होती है। 
स्थतिज ऊर्जा को दूसरी वस्तु में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। गतिज ऊर्जा को दूसरी वस्तु में ट्रांसफर किया जा सकता है। 
स्थतिज ऊर्जा को नीचे से मापा जाता है।   गतिज ऊर्जा को उसके स्थान से मापा जाता है।  

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