विद्युत् धारा किसे कहते है, विद्युत् धारा की परिभाषा, विद्युत् धारा का मात्रक तथा चालक में विद्युत् धारा

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विद्युत् धारा 

आवेश प्रवाह की दर को ही विद्युत धारा कहते है| धारा के बहने की दिशा धनात्मक  से ऋणात्मक होती है|

अतः  जब किसी आवेश में एक स्थान से दूसरे स्थान तक आवेश का प्रवाह होता है तो उसे ही विद्युत धारा कहते है| इसका SI  मात्रक एम्पियर है|


विद्युत् धारा की परिभाषा

जब किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से T समय पर Q आवेश गुजरता है तो उस पर औसत धारा होगी|
आवेश मुख्यत इलेक्ट्रान पर होता है जिस भी दिशा में इलेक्ट्रान प्रवाहित होते  है  हमेशा धारा उसके विपरीत दिशा में बहती है|

विद्युत धारा को I माध्यम से दर्शाते है तथा यह एक आदिश राशि है जिसकी विमा A¹ होती है| विद्युत धारा के मापन के लिए  को एमीटर  उपयोग किया जाता है|

चालक में विद्युत् धारा 

चालक पर्दार्थो में मौजूद इलेक्ट्रान स्वत्रंत रूप  से गति करते है यह गति इनकी यादृच्छिक  गति के कारण होती है|
लेकिन यदि चालक में किसी प्रष्ठ से इलेक्ट्रान गुजरे जाए तो समान संख्या में इलेक्ट्रान गुजरते  है तथा इस समय अन्तरालं में प्रष्ठ से आवेश  का नेट प्रवाह  होता शून्य है|यहाँ यादृच्छिक गति के वजह से कोई भी धारा उत्पन्न  नहीं होती है।

विद्युत् धारा के प्रकार 

विद्युत धारा को दो भागों में बांटा गया है।

1.प्रत्यावर्ती धारा 
2. दिष्ट धारा

प्रत्यावर्ती धारा 

प्रत्यावर्ती धारा उस विद्युत धारा को कहते है जिसका दिशा तथा मान परिवर्तित होता रहता है। तथा इसकी आवृति 50 हर्ट्ज होती हैं।

दिष्ट धारा

ऐसी विद्युत धारा जिसकी दिशा तथा नाम परिवर्तित नही होते रहते हैं दिष्ट धारा कहलाती है। इसकी आवृति 0 हर्ट्ज होती है। इस धारा का उपयोग मोबाइल बैटरी, डीसी जेनरेटर तथा सेल में किया जाता है।

विद्युत धारा के प्रभाव?

विद्युत धारा चुम्बकीय प्रभाव उष्मीय प्रभाव ,रासायनिक प्रभाव दर्शाती है।

चुम्बकीय प्रभाव

यदि किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो उस चालक के चारो ओर एक चुम्बकीय क्षेत्र  उत्पन्न होता है।
ओर्स्टेड ने सर्वप्रथम यह नियम दिया।

इस प्रयोग में यह बताया गया की जब धारावाही कुंडली के समीप यदि चुम्बकीय सुई रखी जाए तो वह अपने स्थान से विचलित हो जाती है। इस प्रकार यह साफ है कि विद्युत धारा चुम्बकीय क्षेत्र बनाती है तथा इसे ही विद्युत का चुम्बकीय प्रभाव कहते है।

विद्युत धारा की चाल कितनी होती है?

विद्युत की चाल प्रकाश के समान ही होती है इसका मान 3*108 मीटर प्रति सेकंड होती है।

विद्युत धारा उत्पन्न करने की युक्ति को क्या कहते है ?

विद्युत धारा उत्पन्न करने की विधि को जनित्र कहते है।यह एक ऐसी युक्ति है जो की यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर सकती है।इस प्रकार जनित्र उत्पन्न करने की सबसे आसान विधि है।

विद्युत धारा क्या उत्पन्न करती है?

विद्युत चुम्बक के साथ जुड़ी हुई घटना है और विद्युत के आवेश से चुम्बकीय क्षेत्र पैदा होते है तथा विद्युत  में जो आवेश होता है उन पर भी बल लगता है।

विद्युत इलेक्ट्रॉन पर निर्भर करती है तथा इलेक्ट्रॉन कही भी आसानी से स्थांतरित हो जाते है।इस प्रकार विद्युत धारा अध्ययन में इलेक्ट्रॉन का काफी महत्व होता है।


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