गाउस का नियम तथा अनुप्रयोग

इस Article में गाउस के नियम के बारे में पढ़ेंगे।  इसमें पढ़ेंगे गाउस का नियम क्या है ?, गाउस के नियम की परिभाषा, गाउस के नियम तथा इसके अनुप्रयोग आदि।  

गाउस का नियम किसी विद्युत क्षेत्र में उपस्थित बंद पृष्ठ से गुजरने वाले विद्युत फ्लक्स और पृष्ठ के भीतर उपस्थित कुल आवेश इन दोनों में एक संबंध विस्थापित करता है। इसी को गाउस का नियम कहते है। तथा बंद पृष्ठ को गौसिय पृष्ठ (Gaussian surface in hindi) कहते है। यह किसी भी आकृति का हो सकता है। जैसे- गोलीय, बेलनाकार|

गाउस के नियम से विद्युत क्षेत्र की तीव्रता, आवेशित वस्तुओ के विद्युत छेत्र की गणना आसानी से की जा सकती है।

गाउस की प्रमेय 

किसी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला विद्युत फ्लक्स उस पृष्ठ द्वारा परिबद्ध कुल आवेश का 1/६0k गुना होता है।
गाउस का नियम तथा अनुप्रयोग

उत्पत्ति 

dΦE=E·dACosθ                        (Cosθ=0)
dΦE=E·dACos0                        (Cos0=1)               
dΦE=E·dA

ΦE= ∫dΦE
ΦE=E·dA










गाउस के नियम के महत्वपूर्ण तथ्य

1. गाउस का नियम केवल उन्ही क्षेत्रो के नियम के लिए लागू होता है। जो कूलाम के व्युत्क्रम वर्ग के नियम का पालन करते है। ये सदिश क्षेत्रो के लिए लागू होता है।
2. गाउस का नियम निर्वात एवं माध्यम दोनो के लिए लागू होता है।
3. C.G.S पद्धति में
4. प्रष्ठ से परिबद्ध कुल आवेशों का अर्थ पृष्ठ के अंदर स्थित बीजगणितीया रूप
5. गाउस नियम के अनुप्रयोग के लिए उपयुक्त पृष्ठ का चुनाव किया जाता है। जिसको गौसिया पृष्ठ कहते है। यह बंद काल्पनिक तथा स्वैच्छिक पृष्ठ होता है। जिसकी आकृति गोलीय, बेलनाकार, घनाकार, या कोई अन्य स्वैच्छिक आकृति हो सकती है।

गाउस नियम से अनुप्रयोग 

1. अनन्त लम्बाई के एकसमान आवेशित सीधे तर के निकट वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता 

माना एक पतला घनत्व लम्बाई का आवेशित तार है। इसे +q आवेश से आवेशित किया गया है। जिससे r दूरी पर कोई बिंदु P है। विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात करनी है।
अत: क्षेत्रफल अवयव dA से होकर गुजरने वाला वैद्युत फ्लक्स

dΦE=E·dACosθ                        (Cosθ=0)
dΦE=E·dACos0                        (Cos0=1)               
dΦE=E·dA
संपूर्ण पृष्ठ से होकर गुजरने वाला वैद्युत फ्लक्स
Note. संपूर्ण पृष्ठ से होकर गुजरने वाला वैद्युत फ्लक्स ज्ञात करने के लिए समाकलन किया जाता है
∮dΦE=∮E⋅dA
ΦE=E∮dA
ΦE=E x 2πrl   -------------1

गाउस की प्रमेय से
समीकरण I व II की तुलना करने पर

यदि आवेश का रेखीय घनत्व λ=q⁄l हो तो
q= λl
समीकरण III में q=λl रखने पर

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